हरियाणा सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत पशुपालकों को भेड़ और बकरी की इकाई स्थापित करने के लिए भारी सब्सिडी और प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
भेड़ बकरी पालक उत्थान योजना का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री भेड़ बकरी पालक उत्थान योजना |
| राज्य | हरियाणा |
| विभाग | पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा |
| लाभ | 11 पशुओं की यूनिट पर सब्सिडी और प्रशिक्षण |
| सब्सिडी | 100% बैकेंड सब्सिडी (निर्धारित शर्तों पर) |
| लक्ष्य (2024-25) | 572 इकाइयां (286 भेड़ और 286 बकरी) |
| आधिकारिक वेबसाइट | pashudhanharyana.gov.in |
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हरियाणा मुख्यमंत्री भेड़ बकरी पालक उत्थान योजना क्या है?
यह हरियाणा सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देना है। इसके तहत पात्र व्यक्तियों को 10 मादा और 1 नर (कुल 11 पशु) की एक यूनिट प्रदान की जाती है।
योजना किस विभाग द्वारा संचालित की जा रही है?
यह योजना पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा द्वारा संचालित की जा रही है। योजना के कार्यान्वयन की मुख्य जिम्मेदारी हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड को सौंपी गई है।
योजना शुरू करने का उद्देश्य क्या है?
- राज्य में उन्नत नस्ल के भेड़ और बकरी के जर्मप्लाज्म को विकसित करना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करना।
- पशुपालकों की आय में वृद्धि करना।
यह योजना किन लोगों के लिए बनाई गई है?
यह योजना मुख्य रूप से हरियाणा के स्थायी निवासी बेरोजगारों, अनुसूचित जाति, बीपीएल परिवारों, विधवाओं और सामान्य/पिछड़ी जाति के उन भूमिहीन परिवारों के लिए है जो पशुपालन में रुचि रखते हैं।

योजना के उद्देश्य और महत्व
भेड़-बकरी पालन को प्रोत्साहन देने का उद्देश्य
कम लागत और कम जगह में अधिक मुनाफा देने के कारण सरकार भेड़-बकरी पालन को छोटे किसानों और भूमिहीन मजदूरों के लिए एक आदर्श व्यवसाय के रूप में बढ़ावा दे रही है।
ग्रामीण बेरोजगारों के लिए स्वरोजगार का अवसर
शहरों की ओर पलायन रोकने के लिए गांव में ही सम्मानजनक आय का साधन उपलब्ध कराना इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य है।
पशुधन आधारित आय को बढ़ावा देने की योजना
दूध, मांस और ऊन के माध्यम से पशुपालक अपनी दैनिक और वार्षिक आय में सुधार कर सकते हैं।
हरियाणा में पशुपालन क्षेत्र का विकास
इस योजना से राज्य में पशुओं की संख्या में सुधार होगा और पशुपालन क्षेत्र आधुनिक तकनीकों से जुड़ेगा।
योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ
भेड़-बकरी यूनिट पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी
योजना की कुल लागत 70,000 रुपये है। सरकार इसके लिए बैकेंड सब्सिडी प्रदान करती है। लाभार्थी को शुरुआत में 25% (17,500 रुपये) मार्जिन मनी देनी होती है, जो इकाई की जांच के बाद वापस मिल जाती है।
प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता
चयनित लाभार्थियों को विभाग द्वारा 11 दिनों का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन कर सकें।
पशुओं के लिए टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाएं
स्थापित यूनिट के सभी पशुओं को विभाग द्वारा मुफ्त चिकित्सीय सुविधा और टीकाकरण प्रदान किया जाता है।
बीमा सुविधा और जोखिम सुरक्षा
पशुओं का बीमा हरियाणा पशुधन बीमा योजना के तहत किया जाता है। यदि कोई सरकारी बीमा योजना उस समय उपलब्ध न हो, तो लाभार्थी को स्वयं के खर्च पर बीमा कराना अनिवार्य होता है।
भेड़-बकरी यूनिट का विवरण
एक यूनिट में कितनी भेड़ या बकरियां मिलती हैं?
योजना के तहत एक इकाई में कुल 11 पशु होते हैं।
नर-मादा पशुओं का निर्धारित अनुपात
- 10 मादा (भेड़ या बकरी)
- 01 नर (मेढ़ा या बकरा)
यूनिट लागत और सरकार की हिस्सेदारी
- कुल लागत: 70,000 रुपये
- 10 मादा पशुओं की कीमत: 60,000 रुपये
- 01 नर पशु की कीमत: 10,000 रुपये
पात्रता शर्तें
- आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आयु सीमा: 18 से 55 वर्ष के बीच।
- परिवार पहचान पत्र (PPP) होना अनिवार्य है।
- परिवार का कोई सदस्य सरकारी या अर्ध-सरकारी नौकरी में न हो।
- भूमिहीन किसानों और बीपीएल परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
आवश्यक दस्तावेज
- परिवार पहचान पत्र (PPP)
- आधार कार्ड और पैन कार्ड
- बैंक पासबुक / कैंसिल्ड चेक
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- बीपीएल राशन कार्ड / विधवा प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- पशु रखने की जगह (शेड) की फोटो
- स्व-घोषणा पत्र (Self-Declaration)
हरियाणा मुख्यमंत्री भेड़ बकरी पालक उत्थान योजना में आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया क्या है?
- Saral Haryana पोर्टल पर जाएं।
- अपनी आईडी से लॉगिन करें (या पंजीकरण करें)।
- ‘Apply for Services’ में जाकर “Mukhyamantri Bhed Bakri Palak Utthan Yojana” सर्च करें।
- आवेदन फॉर्म में सभी जानकारी भरें और दस्तावेज अपलोड करें।
- फॉर्म सबमिट कर प्रिंट आउट सुरक्षित रखें।
ऑफलाइन आवेदन करने का विकल्प
आवेदक अपने नजदीकी CSC केंद्र, अटल सेवा केंद्र या ई-दिशा केंद्र पर जाकर भी आवेदन करवा सकते हैं।
आवेदन के समय ध्यान रखने योग्य बातें
- आवेदन “पहले आओ पहले पाओ” के आधार पर स्वीकार किए जाते हैं।
- एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति आवेदन कर सकता है।
स्वः घोषणा पत्र और दिशानिर्देश
आवेदन के लिए महत्वपूर्ण लिंक
संपर्क करने का विवरण
- सरल हरियाणा हेल्पलाइन: 0172-3968400
- ईमेल: [email protected]
सब्सिडी और भुगतान व्यवस्था
सब्सिडी की राशि लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है। पशुओं की खरीद विभाग द्वारा निर्धारित कमेटी की उपस्थिति में होती है। खरीद के बाद भौतिक सत्यापन (Verification) होने पर सब्सिडी जारी की जाती है।
योजना से जुड़े लाभार्थियों के लिए सुझाव
अधिक लाभ के लिए: पशुओं की नस्ल का चुनाव क्षेत्र की जलवायु के अनुसार करें (जैसे बीटल या सिरोही बकरी)।
शुरुआती सलाह: पशुओं के रहने के स्थान (शेड) में साफ-सफाई और हवा का उचित प्रबंध रखें।
प्रशिक्षण का उपयोग: 11 दिन के प्रशिक्षण के दौरान पशुओं की बीमारियों और उनके उपचार की जानकारी ध्यान से सीखें।
अगर आप हरियाणा में और स्कीम्स के बारे में जानना चाहते हैं, तो हरियाणा की सभी सरकारी योजना पेज देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न: आवेदन करने के बाद चयन कैसे होता है?
उत्तर: चयन पात्रता और प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है। बीपीएल और अनुसूचित जाति के आवेदकों को पहले प्राथमिकता दी जाती है।
प्रश्न: एक यूनिट में कितनी भेड़ या बकरियां शामिल होती हैं?
उत्तर: एक यूनिट में कुल 11 पशु (10 मादा + 1 नर) होते हैं।
प्रश्न: क्या इस योजना में प्रशिक्षण भी दिया जाता है?
उत्तर: हाँ, चयनित लाभार्थियों को 11 दिन का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है।
प्रश्न: क्या एक परिवार से एक से अधिक लोग आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: नहीं, सरकारी नियमों के अनुसार एक परिवार पहचान पत्र पर केवल एक ही व्यक्ति आवेदन कर सकता है।
प्रश्न: योजना के अंतर्गत पशुओं का बीमा होता है या नहीं?
उत्तर: हाँ, पशुओं का बीमा अनिवार्य है और यह सरकारी बीमा योजना के तहत किया जाता है।
निष्कर्ष
हरियाणा मुख्यमंत्री भेड़ बकरी पालक उत्थान योजना 2026 राज्य के बेरोजगारों के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का एक सशक्त मार्ग है। 100% बैकेंड सब्सिडी और मुफ्त प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं इस योजना को बेहद लाभकारी बनाती हैं। यदि आप पात्र हैं, तो जल्द से जल्द सरल पोर्टल के माध्यम से आवेदन करें।
