हरियाणा सरकार द्वारा राज्य के पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुधारने और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पशु किसान क्रेडिट कार्ड (Pashu Kisan Credit Card) योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से किसान बिना किसी गारंटी के ऋण प्राप्त कर सकते हैं, जिससे वे अपने पशुओं के चारे, स्वास्थ्य और रखरखाव का खर्च आसानी से उठा सकें।
हरियाणा पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना: संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
| योजना का नाम | हरियाणा पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना |
| विभाग | पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा |
| मुख्य लाभ | ₹1.60 लाख तक का बिना गारंटी लोन |
| ब्याज दर | प्रभावी दर 4% (समय पर भुगतान करने पर) |
| लाभार्थी | हरियाणा के पशुपालक एवं किसान |
| आवेदन का माध्यम | ऑफलाइन (बैंक के माध्यम से) |
| आधिकारिक वेबसाइट | pashudhanharyana.gov.in |
हरियाणा पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना क्या है?
यह योजना केंद्र सरकार की केसीसी (KCC) योजना की तर्ज पर हरियाणा सरकार द्वारा शुरू की गई है। इसके अंतर्गत गाय, भैंस, भेड़, बकरी और सूअर पालने वाले किसानों को उनकी जरूरतों के लिए क्रेडिट कार्ड जारी किया जाता है। हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने पशुपालकों के लिए इस विशेष कार्ड की शुरुआत की है।
पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को साहूकारों के चंगुल से बचाना और उन्हें कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराना है। अक्सर आर्थिक तंगी के कारण किसान अपने पशु बेच देते हैं; यह योजना उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाती है।
योजना किस विभाग द्वारा संचालित है?
यह योजना पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा द्वारा बैंकों के सहयोग से संचालित की जाती है।
हरियाणा पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना के प्रमुख लाभ
योजना के तहत मिलने वाली लोन सुविधा
- बिना किसी जमीन को गिरवी रखे ₹1,60,000 तक का लोन प्राप्त किया जा सकता है।
- कुल अधिकतम सीमा पशुओं की संख्या के आधार पर ₹3 लाख तक हो सकती है।
ब्याज दर और ब्याज छूट की जानकारी
- बैंकों द्वारा सामान्यतः 7% की ब्याज दर ली जाती है।
- केंद्र सरकार 3% की छूट देती है, जिससे प्रभावी ब्याज दर 4% रह जाती है।
- यदि किसान समय पर लोन चुकाता है, तो उसे ब्याज में अतिरिक्त रियायत का लाभ मिलता है।
पशुपालकों के लिए विशेष फायदे
- पशुओं की बीमारी या चारे की किल्लत के समय नकद राशि की उपलब्धता।
- पशुपालन व्यवसाय के विस्तार में सहायक।
हरियाणा पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना की पात्रता
- आवेदक अनिवार्य रूप से हरियाणा राज्य का मूल निवासी होना चाहिए।
- किसान के पास अपने पशु होने चाहिए और उनका स्वास्थ्य प्रमाण पत्र/टैगिंग होना आवश्यक है।
- वे सभी किसान जिनके पास 1 या 2 पशु हैं, वे भी इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।
पशु किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवश्यक दस्तावेज
पहचान प्रमाण और निवास प्रमाण
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- वोटर आईडी कार्ड
- हरियाणा निवास प्रमाण पत्र (Domicile)
बैंक खाते से संबंधित दस्तावेज
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी
- कैंसिल चेक (यदि मांगा जाए)
पशुपालन से जुड़े प्रमाण पत्र
- पशुओं का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर
हरियाणा पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना में आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
वर्तमान में, इस योजना के लिए पूर्णतः ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध नहीं है, लेकिन आप सीएससी (CSC) सेंटर के माध्यम से फॉर्म डिजिटल रूप से भरवा सकते हैं।
ऑफलाइन आवेदन का तरीका
- अपने नजदीकी सरकारी बैंक या सहकारी बैंक में जाएं।
- वहां से पशु किसान क्रेडिट कार्ड आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
- फॉर्म में अपनी और अपने पशुओं की जानकारी सही-सही भरें।
- सभी आवश्यक दस्तावेजों को फॉर्म के साथ संलग्न करें।
- बैंक अधिकारी के पास फॉर्म जमा करें। बैंक द्वारा सत्यापन के बाद 1 महीने के भीतर कार्ड जारी कर दिया जाएगा।
आवेदन की स्थिति कैसे जांचें?
आवेदन की स्थिति जानने के लिए आपको उसी बैंक शाखा में संपर्क करना होगा जहाँ आपने फॉर्म जमा किया है।
आवेदन के लिए महत्वपूर्ण लिंक
योजना के अंतर्गत कितनी लोन राशि मिलती है?
लोन की राशि पशु के प्रकार पर निर्भर करती है:
- भैंस के लिए: ₹60,249 प्रति भैंस
- गाय के लिए: ₹40,783 प्रति गाय
- भेड़/बकरी के लिए: ₹4,063 प्रति पशु
- सूअर के लिए: ₹16,337 प्रति पशु
लोन चुकाने की अवधि और किस्तें
लोन की राशि को 1 वर्ष के भीतर या बैंक द्वारा निर्धारित चक्र के अनुसार चुकाना होता है ताकि ब्याज छूट का लाभ मिलता रहे।
लोन का उपयोग किन कार्यों में किया जा सकता है?
- किसान अपनी डेयरी को बढ़ाने के लिए नए दुधारू पशु खरीदने हेतु इस राशि का उपयोग कर सकते हैं।
- पशुओं के लिए उत्तम गुणवत्ता वाला चारा, खल और चिकित्सा उपचार के खर्च के लिए लोन का उपयोग किया जाता है।
- शेड बनवाने या डेयरी से संबंधित छोटे उपकरणों की खरीद में भी सहायता मिलती है।
पशु किसान क्रेडिट कार्ड और किसान क्रेडिट कार्ड में अंतर
KCC (खेती): यह जमीन के आधार पर फसलों की बुवाई के लिए दिया जाता है।
Pashu KCC: यह पशुओं की संख्या के आधार पर उनकी देखभाल के लिए दिया जाता है। जिनके पास खेती योग्य जमीन नहीं है, वे भी पशु KCC का लाभ ले सकते हैं।
संपर्क करने का विवरण
- हेल्पलाइन नंबर: 0172-2574663, 2574664
- ईमेल: [email protected]
- पता: पशुधन भवन, बेज़ नंबर 9-12, सेक्टर-2, पंचकुला, हरियाणा।
हरियाणा पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना से जुड़े प्रश्न
प्रश्न: इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?
उत्तर: हरियाणा का कोई भी किसान या पशुपालक जिसके पास अपने पशु हैं, इस योजना का लाभ ले सकता है।
प्रश्न: पशु किसान क्रेडिट कार्ड पर कितना लोन मिलता है?
उत्तर: बिना गारंटी ₹1.60 लाख तक और कुल ₹3 लाख तक का लोन मिल सकता है।
प्रश्न: क्या बिना जमीन के पशुपालक आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: जी हाँ, भूमिहीन पशुपालक भी पशुओं के आधार पर आवेदन कर सकते हैं।
प्रश्न: क्या इस योजना में सरकारी सब्सिडी मिलती है?
उत्तर: इसमें ब्याज दर पर 3% की सब्सिडी (ब्याज छूट) मिलती है।
प्रश्न: पशु किसान क्रेडिट कार्ड और सामान्य KCC में क्या अंतर है?
उत्तर: सामान्य KCC खेती के लिए है, जबकि पशु KCC विशेष रूप से पशुपालन गतिविधियों के लिए है।
निष्कर्ष
हरियाणा पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना 2025 राज्य के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक बेहतरीन माध्यम है। यदि आप एक पशुपालक हैं, तो आपको इस योजना का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहिए।