उत्तर प्रदेश कृषि उपकरण सब्सिडी योजना 2026: किसानों के लिए पूरी जानकारी

Updated on: 19/01/2026 by RRamij

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से ‘उत्तर प्रदेश कृषि उपकरण सब्सिडी योजना’ का संचालन किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद पर भारी सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिससे खेती की लागत कम होती है और उत्पादकता में वृद्धि होती है। 2025-26 के सत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया और नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

कृषि उपकरण सब्सिडी योजना: संक्षिप्त विवरण

विवरणजानकारी
योजना का नामउत्तर प्रदेश कृषि उपकरण सब्सिडी योजना
राज्यउत्तर प्रदेश
लाभार्थीराज्य के पंजीकृत किसान
सब्सिडी दर40% से 50% तक (विशेष परिस्थितियों में 80% तक)
विभागकृषि विभाग, उत्तर प्रदेश
आवेदन का तरीकाऑनलाइन (आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से)
आधिकारिक वेबसाइटupagriculture.com / agridarshan.up.gov.in

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योजना से जुड़ी बुनियादी जानकारी

उत्तर प्रदेश कृषि उपकरण सब्सिडी योजना क्या है

यह एक कल्याणकारी योजना है जिसके तहत उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को खेती के लिए आवश्यक मशीनों (जैसे ट्रैक्टर, रोटावेटर, कल्टीवेटर आदि) की खरीद पर वित्तीय सहायता प्रदान करती है। यह सहायता सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है।

इस योजना का उद्देश्य और महत्व

लागत में कमी: आधुनिक मशीनों के उपयोग से खेती के खर्चों को कम करना।

समय की बचत: मशीनीकरण के जरिए कम समय में अधिक कार्य क्षमता हासिल करना।

आय में वृद्धि: फसलों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाकर किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारना।

पर्यावरण संरक्षण: पराली प्रबंधन जैसे यंत्रों पर सब्सिडी देकर प्रदूषण को रोकना।

योजना किस विभाग द्वारा संचालित की जाती है

यह योजना पूर्ण रूप से कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित की जाती है। विभाग ‘सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM)’ और अन्य राज्य प्रायोजित योजनाओं के तहत अनुदान वितरित करता है।

योजना के लाभ और सब्सिडी विवरण

किसानों को मिलने वाले प्रमुख लाभ

  • महंगे कृषि यंत्रों को कम कीमत पर खरीदने की सुविधा।
  • खेती में शारीरिक श्रम की कमी और आधुनिक तकनीक का समावेश।
  • छोटे और सीमांत किसानों के लिए मशीनों तक आसान पहुँच।

कृषि उपकरणों पर मिलने वाली सब्सिडी प्रतिशत

सामान्य तौर पर, कृषि यंत्रों पर 40% से 50% तक की सब्सिडी दी जाती है। कुछ विशेष योजनाओं जैसे ‘कस्टम हायरिंग सेंटर’ या ‘फार्म मशीनरी बैंक’ की स्थापना के लिए यह सब्सिडी 80% तक भी हो सकती है।

लघु और सीमांत किसानों के लिए विशेष लाभ

योजना में लघु एवं सीमांत किसानों, अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों और महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाती है। इनके लिए सब्सिडी की दर और आवंटन में विशेष प्रावधान किए गए हैं।

पात्रता मानदंड

कौन किसान इस योजना के लिए पात्र है

  • आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • किसान का ‘पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल’ पर पंजीकरण अनिवार्य है।
  • आवेदक ने पिछले 2-5 वर्षों में उसी यंत्र पर सब्सिडी न ली हो।

भूमि रिकॉर्ड से संबंधित शर्तें

  • किसान के नाम पर खेती योग्य भूमि होनी चाहिए।
  • आवेदन के समय खतौनी (Land Records) का विवरण सही होना आवश्यक है।

आय और श्रेणी आधारित पात्रता

योजना का लाभ सभी श्रेणी के किसानों के लिए है, लेकिन चयन प्रक्रिया में लघु, सीमांत और पिछड़ी श्रेणी के किसानों को वरीयता दी जाती है।

सब्सिडी के अंतर्गत आने वाले कृषि उपकरण

खेती में उपयोग होने वाले प्रमुख कृषि उपकरण

योजना के तहत रोटावेटर, कल्टीवेटर, पावर टिलर, लेजर लैंड लेवलर, सीड ड्रिल, मल्टीक्रॉप थ्रेशर और स्ट्रॉ रीपर जैसे यंत्र शामिल हैं।

मशीन श्रेणी के अनुसार सब्सिडी विवरण

छोटे यंत्र: 10,000 रुपये तक के अनुदान वाले यंत्र।

मध्यम यंत्र: 10,000 से 1,00,000 रुपये तक के अनुदान वाले यंत्र।

बड़े यंत्र: कस्टम हायरिंग सेंटर और 1 लाख से अधिक अनुदान वाले यंत्र।

आधुनिक कृषि यंत्रों पर उपलब्ध अनुदान

सरकार अब कृषि ड्रोन, हैप्पी सीडर और पैडी स्ट्रॉ चॉपर जैसे आधुनिक उपकरणों पर भी विशेष ध्यान दे रही है ताकि पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित हो सके।

ऑनलाइन आवेदन और टोकन प्रक्रिया

कृषि उपकरण सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

  1. कृषि विभाग की वेबसाइट agridarshan.up.gov.in पर जाएं।
  2. ‘किसान कॉर्नर’ में ‘यंत्र हेतु टोकन निकालें’ विकल्प पर क्लिक करें।
  3. अपना पंजीकरण नंबर दर्ज करें और यंत्र का चयन करें।
  4. निर्धारित टोकन राशि का ऑनलाइन भुगतान करें।

टोकन बुकिंग प्रक्रिया क्या है

टोकन बुकिंग ‘पहले आओ-पहले पाओ’ या ‘ई-लॉटरी’ सिस्टम पर आधारित होती है। टोकन निकालने के बाद किसान को एक निश्चित समय सीमा के भीतर यंत्र खरीदकर रसीद अपलोड करनी होती है।

आवेदन करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  • पंजीकृत मोबाइल नंबर सक्रिय होना चाहिए।
  • एक मोबाइल नंबर से एक ही आवेदन संभव है।
  • दस्तावेजों में नाम और बैंक विवरण आधार के अनुसार होना चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों की सूची

  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक की प्रति (DBT के लिए)
  • भूमि संबंधी दस्तावेज (खतौनी)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)

दस्तावेज अपलोड करते समय होने वाली सामान्य गलतियां

  • धुंधली फोटो या दस्तावेज अपलोड करना।
  • गलत बैंक खाता संख्या या IFSC कोड दर्ज करना।
  • भूमि रिकॉर्ड में नाम का मिलान न होना।

सब्सिडी नियम और शर्तें

सब्सिडी प्राप्त करने के सरकारी नियम

किसान को केवल पंजीकृत डीलर से ही यंत्र खरीदना अनिवार्य है। यंत्र खरीदने के बाद उसका भौतिक सत्यापन विभाग के अधिकारियों द्वारा किया जाता है।

डीबीटी के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया

सत्यापन सफल होने के बाद, सब्सिडी की राशि किसान के आधार लिंक बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है।

सब्सिडी रद्द होने की स्थिति कब बनती है

  • यदि यंत्र निर्धारित समय सीमा में नहीं खरीदा गया।
  • यदि बिल या यंत्र के सीरियल नंबर में गड़बड़ी पाई गई।
  • यदि किसान ने अपात्र होते हुए गलत जानकारी देकर आवेदन किया।

आवेदन स्थिति और भुगतान जानकारी

आवेदन की स्थिति कैसे जांचें

किसान पोर्टल पर लॉगिन करके ‘आवेदन की स्थिति’ (Track Application) विकल्प के माध्यम से अपने टोकन और सब्सिडी की वर्तमान स्थिति देख सकते हैं।

सब्सिडी राशि खाते में कब आती है

यंत्र के भौतिक सत्यापन और बिल अपलोड होने के सामान्यतः 30 से 45 दिनों के भीतर राशि खाते में आ जाती है।

भुगतान में देरी होने पर क्या करें

देरी होने पर किसान अपने ब्लॉक के ‘राजकीय कृषि बीज भंडार’ या जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

योजना से संबंधित महत्वपूर्ण लिंक

सामान्य समस्याएं और समाधान

आवेदन अस्वीकृत होने के कारण

मुख्य कारण गलत पंजीकरण नंबर, आधार और बैंक का लिंक न होना, या पूर्व में उसी यंत्र पर लाभ ले लेना है।

टोकन से जुड़ी समस्याओं का समाधान

यदि टोकन राशि कट गई है लेकिन टोकन जनरेट नहीं हुआ, तो 24-48 घंटे प्रतीक्षा करें या पोर्टल के हेल्पडेस्क पर शिकायत दर्ज करें।

तकनीकी सहायता कहां से लें

पोर्टल पर दिए गए टोल-फ्री नंबर या अपने क्षेत्रीय कृषि प्रसार अधिकारी (ADO Ag) से सहायता ली जा सकती है।

संपर्क करने का विवरण

  • किसान हेल्पलाइन: 1800-180-1551
  • कार्यालय: कृषि निदेशालय, लखनऊ, उत्तर प्रदेश।

इस योजना से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: क्या सभी किसान इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं?

उत्तर: हाँ, उत्तर प्रदेश के वे सभी किसान जिनका पंजीकरण ‘पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल’ पर है, वे आवेदन कर सकते हैं।

प्रश्न: टोकन बुकिंग क्या होती है और यह क्यों जरूरी है?

उत्तर: टोकन बुकिंग यंत्र के लिए आपकी दावेदारी पक्की करती है। इसके बिना सब्सिडी का लाभ नहीं लिया जा सकता क्योंकि यह बजट उपलब्धता सुनिश्चित करती है।

प्रश्न: आवेदन अस्वीकृत होने के मुख्य कारण क्या हैं?

उत्तर: अधूरे दस्तावेज, गलत बैंक विवरण या निर्धारित समय के भीतर यंत्र की खरीद न करना मुख्य कारण हैं।

प्रश्न: क्या एक किसान एक से अधिक उपकरणों पर सब्सिडी ले सकता है?

उत्तर: हाँ, लेकिन अलग-अलग श्रेणियों के यंत्रों के लिए। एक ही यंत्र पर दोबारा सब्सिडी लेने के लिए एक निश्चित समय अंतराल (प्रायः 3-5 वर्ष) का पालन करना होता है।

प्रश्न: सब्सिडी भुगतान में देरी होने पर क्या करना चाहिए?

उत्तर: अपने जिला कृषि अधिकारी से मिलें और सुनिश्चित करें कि आपका भौतिक सत्यापन (Physical Verification) पोर्टल पर अपलोड हो गया है।

प्रश्न: क्या यह योजना हर साल लागू होती है?

उत्तर: हाँ, सरकार हर वित्तीय वर्ष में कृषि मशीनीकरण के लिए नए लक्ष्य और बजट जारी करती है।

प्रश्न: जिले के अनुसार सब्सिडी में कोई अंतर होता है क्या?

उत्तर: सब्सिडी की दरें समान रहती हैं, लेकिन यंत्रों का लक्ष्य (Targets) हर जिले की कृषि योग्य भूमि और मांग के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।

प्रश्न: योजना से जुड़ी सहायता और शिकायत कहां दर्ज करें?

उत्तर: आप ‘जनसुनवाई पोर्टल’ (IGRS) या कृषि विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश कृषि उपकरण सब्सिडी योजना 2026 राज्य के किसानों के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह न केवल खेती को आधुनिक बनाने में मदद करती है, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बनाती है। यदि आप भी अपनी खेती को उन्नत करना चाहते हैं, तो समय पर टोकन जनरेट करें और इस योजना का लाभ उठाएं।

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मेरा नाम रमीज है। मैं एक प्रोफेशनल कंटेंट राइटर हूँ। पिछले 7 वर्षों से मैं शिक्षा, नौकरी और करियर, सरकारी योजनाओं, प्रौद्योगिकी और हाउ-टू गाइड जैसे विषयों पर रिसर्च-बेस्ड कंटेंट लिख रहा हूँ। मेरा लक्ष्य लोगों को सही, अपडेटेड और उपयोगी जानकारी देना है ताकि वे आसानी से अपने लिए सही समाधान पा सकें। इस वेबसाइट पर मैं विभिन्न सरकारी योजनाओं, पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रियाओं से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी साझा करता हूँ।