उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता कृषक समन्वित विकास योजना: पात्रता, लाभ एवं आवेदन प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी

Updated on: 19/01/2026 by RRamij

उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता कृषक समन्वित विकास योजना राज्य सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि क्षेत्र में आधुनिक बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी पहल है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में घोषित यह योजना न केवल पारंपरिक खेती पर ध्यान केंद्रित करती है, बल्कि फसल कटाई के बाद के प्रबंधन, प्रसंस्करण (Processing), और भंडारण सुविधाओं के विकास पर भी जोर देती है। इसके माध्यम से किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को सुदृढ़ किया जा रहा है ताकि छोटे और सीमांत किसान भी बाजार में अपनी पकड़ बना सकें।

आत्मनिर्भरता कृषक समन्वित विकास योजना: संक्षिप्त विवरण

विवरणजानकारी
योजना का नामउत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता कृषक समन्वित विकास योजना
राज्यउत्तर प्रदेश
घोषणा/आरंभ वर्ष2021-22
संबंधित विभागकृषि विभाग, उत्तर प्रदेश
मुख्य लक्ष्यकिसानों की आय बढ़ाना और कृषि बुनियादी ढांचे का विकास
बजट प्रावधान₹100 करोड़ (प्रारंभिक चरण के लिए)
मुख्य लाभार्थीराज्य के किसान, FPOs, सहकारी समितियाँ और कृषि उद्यमी
आधिकारिक वेबसाइटupagriculture.com

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आत्मनिर्भरता कृषक समन्वित विकास योजना का परिचय

इस योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में की गई थी। इस योजना का मुख्य आधार केंद्र सरकार के ‘एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड’ (AIF) को राज्य स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना है। इसके तहत राज्य के प्रत्येक विकास खंड में किसान उत्पादक संगठनों (FPO) का गठन किया जा रहा है, ताकि किसानों को बीज से लेकर बाजार तक की सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें।

उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता कृषक समन्वित विकास योजना के उद्देश्य

योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • आय में वृद्धि: नई तकनीकों और मूल्य संवर्धन (Value Addition) के जरिए किसानों की आय को बढ़ाना।
  • बुनियादी ढांचे का विकास: कोल्ड स्टोरेज, गोदाम और प्रसंस्करण इकाइयों का निर्माण करना।
  • FPO को बढ़ावा: राज्य में 2,725 से अधिक FPOs का गठन और उन्हें वित्तीय सहायता देना।
  • आत्मनिर्भरता: किसानों को बाहरी बिचौलियों पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं के विपणन चैनल बनाने के लिए प्रेरित करना।

समन्वित कृषि विकास मॉडल क्या है?

समन्वित कृषि मॉडल (Integrated Farming Model) का अर्थ है एक ही भूमि पर केवल एक फसल उगाने के बजाय कृषि के विभिन्न पहलुओं को साथ लेकर चलना।

कृषि, पशुपालन, मत्स्य और बागवानी का संयोजन

इस मॉडल में किसान अनाज की खेती के साथ-साथ पशुपालन (डेयरी), मछली पालन और फलों/सब्जियों (बागवानी) की खेती भी करते हैं। इससे यदि एक क्षेत्र में नुकसान होता है, तो दूसरा क्षेत्र आय का स्रोत बना रहता है।

संसाधनों का बहुउपयोग मॉडल

यह योजना किसानों को सिखाती है कि कैसे एक गतिविधि का अपशिष्ट (Waste) दूसरी गतिविधि के लिए संसाधन बन सकता है। जैसे- पशुओं का गोबर जैविक खाद के रूप में खेतों में उपयोग करना।

योजना के प्रमुख घटक और गतिविधियाँ

फसल उत्पादन विकास

उन्नत बीजों और आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से उत्पादकता बढ़ाने पर ध्यान दिया जाता है।

पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा

दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए बेहतर नस्ल के पशुओं और डेयरी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

मत्स्य पालन और जल संसाधन उपयोग

खेतों में तालाब बनाकर मछली पालन को प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे जल संचयन और अतिरिक्त आय दोनों संभव हैं।

बागवानी और मूल्य संवर्धन

फलों और सब्जियों की खेती के साथ-साथ उनके ग्रेडिंग और पैकिंग पर जोर दिया जाता है।

कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण

फसलों को कच्चे माल के रूप में बेचने के बजाय उन्हें प्रसंस्कृत (जैसे- आलू से चिप्स, टमाटर से सॉस) करने के लिए लघु इकाइयाँ स्थापित करना।

भंडारण और विपणन व्यवस्था

खेत के पास ही गोदाम और कोल्ड चेन की सुविधा विकसित करना ताकि किसान फसल को खराब होने से बचा सकें और सही दाम मिलने पर बेच सकें।

उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता कृषक योजना के लाभ

आय में स्थायी वृद्धि

विविध खेती के कारण किसानों को साल भर आय प्राप्त होती रहती है।

जोखिम में कमी

प्राकृतिक आपदा या बाजार में मंदी के समय किसी एक फसल पर निर्भरता न होने से जोखिम कम हो जाता है।

स्थानीय स्तर पर रोजगार

गाँव में ही प्रसंस्करण इकाइयों और भंडारण केंद्रों के खुलने से ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिलता है।

तकनीकी प्रशिक्षण और मार्गदर्शन

योजना के तहत विशेषज्ञों द्वारा किसानों को आधुनिक खेती और नए उपकरणों का प्रशिक्षण दिया जाता है।

किसानों के लिए योजना की मुख्य विशेषताएँ

ब्याज में छूट: एग्री-इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत लिए गए ऋण पर 3% की वार्षिक ब्याज छूट।

ऋण सुविधा: ₹2 करोड़ तक के ऋण के लिए क्रेडिट गारंटी की सुविधा।

FPO का गठन: प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम एक FPO का अनिवार्य गठन।

समान वितरण: योजना का लाभ छोटे और सीमांत किसानों तक पहुँचाने के लिए विशेष क्लस्टर विकास।

आत्मनिर्भरता कृषक समन्वित विकास योजना की पात्रता

कौन किसान योजना का लाभ ले सकता है?

  • आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक सक्रिय रूप से कृषि या उससे जुड़ी गतिविधियों में शामिल होना चाहिए।

छोटे और सीमांत किसानों की भूमिका

योजना में छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी गई है, विशेषकर उन्हें जो FPO या स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के सदस्य हैं।

संबंधित गतिविधियों के लिए पात्रता

कृषि उद्यमी, सहकारी समितियाँ, और स्टार्टअप जो कृषि क्षेत्र में बुनियादी ढांचा तैयार करना चाहते हैं, वे भी पात्र हैं।

योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता

इस योजना के अंतर्गत बैंकों और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। भारत सरकार के एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के साथ मिलकर, पात्र लाभार्थियों को ₹2 करोड़ तक के ऋण पर 7 वर्षों के लिए 3% ब्याज की छूट मिलती है।

उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता कृषक योजना में आवेदन कैसे करें?

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

  1. उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (upagriculture.com) पर जाएं।
  2. ‘योजनाओं’ के सेक्शन में ‘आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना’ का चयन करें।
  3. पंजीकरण फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।

ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया

किसान अपने जिले के उप-कृषि निदेशक कार्यालय (Deputy Director of Agriculture) या विकास खंड स्तर पर राजकीय कृषि बीज भंडार प्रभारी से संपर्क कर आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं।

फॉर्म भरते समय ध्यान देने योग्य बातें

  • सभी जानकारी आधार कार्ड और बैंक पासबुक के अनुसार होनी चाहिए।
  • संपर्क नंबर चालू होना चाहिए ताकि ओटीपी या सूचनाएं मिल सकें।

आवेदन की स्थिति कैसे जांचें?

वेबसाइट पर ‘अपना पंजीकरण नंबर जानें’ या ‘आवेदन की स्थिति’ लिंक पर जाकर आधार नंबर या पंजीकरण संख्या के माध्यम से स्टेटस चेक किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण लिंक

योजना से जुड़े आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र (UP Dominice)
  • पहचान पत्र (Voter ID/PAN)
  • आय प्रमाण पत्र
  • कृषि भूमि के दस्तावेज (खतौनी)
  • बैंक पासबुक का विवरण
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर

योजना का किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का जाल बिछेगा। जब किसानों के पास खुद के गोदाम और प्रसंस्करण इकाइयां होंगी, तो उनकी सौदेबाजी की शक्ति (Bargaining Power) बढ़ेगी। इससे ग्रामीण पलायन में कमी आएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

भविष्य में योजना का विस्तार और संभावनाएँ

आने वाले समय में इस योजना को डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे ‘ई-नाम’ (e-NAM) से जोड़ा जाएगा, जिससे यूपी के किसान अपने उत्पाद देश के किसी भी कोने में बेच सकेंगे। साथ ही, जैविक खेती को भी इस योजना के दायरे में और अधिक विस्तार देने की योजना है।

संपर्क करने का विवरण

  • पता: कृषि भवन, मदन मोहन मालवीय मार्ग, लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
  • हेल्पलाइन नंबर: 1800-180-1551 (किसान कॉल सेंटर)
  • ईमेल: [email protected]

FAQs: आत्मनिर्भरता कृषक समन्वित विकास योजना

क्या छोटे और सीमांत किसान इस योजना के पात्र हैं?

हाँ, छोटे और सीमांत किसानों को FPO के माध्यम से इस योजना में विशेष प्राथमिकता दी जाती है।

योजना के तहत किस प्रकार की वित्तीय सहायता मिलती है?

इसमें मुख्य रूप से ₹2 करोड़ तक के ऋण पर 3% ब्याज सुब्वेंशन (छूट) और क्रेडिट गारंटी मिलती है।

क्या इस योजना में प्रशिक्षण की सुविधा भी मिलती है?

हाँ, चयनित किसानों और FPO सदस्यों को आधुनिक तकनीकों और प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।

योजना के लाभ कब तक मिलते हैं?

ऋण पर ब्याज छूट का लाभ अधिकतम 7 वर्षों तक प्राप्त किया जा सकता है।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता कृषक समन्वित विकास योजना केवल एक सरकारी सब्सिडी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह किसानों को ‘अन्नदाता’ से ‘उद्यमी’ बनाने की ओर एक बड़ा कदम है। यदि आप उत्तर प्रदेश के किसान हैं और अपनी खेती को एक व्यवसाय के रूप में विकसित करना चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए एक सुनहरा अवसर है।

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मेरा नाम रमीज है। मैं एक प्रोफेशनल कंटेंट राइटर हूँ। पिछले 7 वर्षों से मैं शिक्षा, नौकरी और करियर, सरकारी योजनाओं, प्रौद्योगिकी और हाउ-टू गाइड जैसे विषयों पर रिसर्च-बेस्ड कंटेंट लिख रहा हूँ। मेरा लक्ष्य लोगों को सही, अपडेटेड और उपयोगी जानकारी देना है ताकि वे आसानी से अपने लिए सही समाधान पा सकें। इस वेबसाइट पर मैं विभिन्न सरकारी योजनाओं, पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रियाओं से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी साझा करता हूँ।