बिहार सरकार द्वारा राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के छात्रों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का संचालन किया जा रहा है। हाल ही में नीतीश कैबिनेट ने इस योजना के तहत दी जाने वाली राशि को दोगुना करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे अब लगभग 27 लाख छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना: संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना |
| राज्य | बिहार |
| लाभार्थी | पिछड़ा वर्ग (BC) एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के छात्र |
| कक्षा | 1 से 10वीं तक |
| संशोधित राशि (सालाना) | ₹1,200 से ₹6,000 तक |
| आय सीमा | ₹3,00,000 (वार्षिक) |
| आवेदन का तरीका | विद्यालय के माध्यम से / ऑनलाइन |
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बिहार मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना क्या है?
यह बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है जो कक्षा 1 से 10वीं तक के पिछड़ा वर्ग (BC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। 2026 के नए अपडेट के अनुसार, सरकार ने इसके बजट में ₹2,271 करोड़ की मंजूरी दी है ताकि छात्रों को बढ़ी हुई दरों पर छात्रवृत्ति दी जा सके।
2026 में हुए प्रमुख बदलाव
राशि में वृद्धि: 2011 के बाद पहली बार छात्रवृत्ति की दरों को दोगुना किया गया है।
आय सीमा में विस्तार: पहले पारिवारिक आय सीमा ₹1.5 लाख थी, जिसे बढ़ाकर अब ₹3 लाख कर दिया गया है।
योजना का उद्देश्य और महत्व
इस योजना के पीछे सरकार के कई दूरगामी लक्ष्य हैं:
ड्रॉपआउट दर में कमी लाना
आर्थिक तंगी के कारण कई छात्र प्राथमिक या माध्यमिक शिक्षा बीच में ही छोड़ देते हैं। यह छात्रवृत्ति उनके शैक्षिक खर्चों को कवर कर उन्हें स्कूल से जोड़े रखती है।
उच्च शिक्षा के लिए आधार तैयार करना
प्री-मैट्रिक स्तर पर सहायता प्रदान करने से छात्रों का आधार मजबूत होता है, जिससे वे भविष्य में पोस्ट-मैट्रिक और उच्च व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की ओर बढ़ पाते हैं।
सामाजिक समानता को बढ़ावा देना
BC और EBC वर्ग के बच्चों को समान अवसर प्रदान कर समाज के मुख्यधारा में लाना इस योजना का प्राथमिक महत्व है।
योजना के लाभ
इस योजना के तहत छात्रों को उनकी कक्षा और आवास की स्थिति (Day Scholar या Hosteller) के आधार पर अलग-अलग लाभ मिलते हैं:
संशोधित छात्रवृत्ति दरें (2025-26 से प्रभावी)
1 जनवरी 2026 से लागू नई दरों के अनुसार प्रति वर्ष दी जाने वाली राशि इस प्रकार है:
- कक्षा 1 से 4 तक: ₹1,200 (पहले ₹600 था)
- कक्षा 5 से 6 तक: ₹2,400 (पहले ₹1,200 था)
- कक्षा 7 से 10 तक: ₹3,600 (पहले ₹1,800 था)
छात्रावास अनुदान (Hostel Subsidy)
छात्रावासी छात्र (Classes 1-10): हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों को अब ₹6,000 प्रति वर्ष (₹500 प्रति माह) की सहायता मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, अन्य योजनाओं के माध्यम से छात्रावास में रहने वाले छात्रों को भोजन और अन्य सुविधाओं के लिए भी अनुदान प्रदान किया जाता है।
सीधा लाभ हस्तांतरण (DBT)
योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि पूरी राशि सीधे छात्र या अभिभावक के आधार-सीडेड बैंक खाते में जमा की जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
इस योजना के लिए कौन पात्र है?
योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
शैक्षिक पात्रता
आवेदक बिहार के किसी सरकारी विद्यालय या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त/स्थापना प्रस्वीकृत स्कूल का नियमित छात्र होना चाहिए।
छात्र कक्षा 1 से 10वीं के बीच अध्ययनरत होना चाहिए।
श्रेणी और आय पात्रता
छात्र का पिछड़ा वर्ग (BC) या अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) से होना आवश्यक है।
पिछड़ा वर्ग (BC) के छात्रों के लिए पारिवारिक वार्षिक आय ₹3,00,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। (EBC छात्राओं के लिए कोई आय सीमा नहीं है)।
निवास की शर्त
आवेदक बिहार राज्य का मूल निवासी होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेजों की सूची
आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की छायाप्रति (Photocopy) विद्यालय में जमा करनी होती है:
- आधार कार्ड: छात्र का आधार अनिवार्य है।
- निवास प्रमाण पत्र: बिहार का स्थायी निवासी होने का प्रमाण।
- जाति प्रमाण पत्र: सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्गत।
- आय प्रमाण पत्र: नवीनतम (6 माह के भीतर का)।
- बैंक पासबुक: छात्र का अपना खाता (आधार से लिंक होना अनिवार्य)।
- बोनाफाइड सर्टिफिकेट/आईडी: वर्तमान विद्यालय में अध्ययनरत होने का प्रमाण।
- पासपोर्ट साइज फोटो: छात्र की नई फोटो।
योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया अत्यंत सरल है और मुख्य रूप से विद्यालय के माध्यम से की जाती है:
विद्यालय से फॉर्म प्राप्त करना
छात्रों को अपने विद्यालय के प्रधान (Headmaster) या नामित शिक्षक से छात्रवृत्ति आवेदन फॉर्म प्राप्त करना होता है।
विवरण दर्ज करना
फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक विवरण और कक्षा का विवरण सही-सही भरें।
मेधासॉफ्ट (Medhasoft) पोर्टल पर एंट्री
विद्यालय प्रशासन प्राप्त फॉर्मों और दस्तावेजों की जांच के बाद, छात्रों का डेटा बिहार सरकार के मेधासॉफ्ट पोर्टल पर अपलोड करता है।
सत्यापन और स्वीकृति
शिक्षा विभाग द्वारा डेटा का सत्यापन किया जाता है, जिसके बाद चयनित छात्रों की सूची तैयार की जाती है और राशि स्वीकृत होती है।
आवेदन की स्थिति की जांच कैसे करें?
छात्र अपने आवेदन की प्रगति की जांच स्वयं भी कर सकते हैं:
ऑनलाइन ट्रैकिंग
- मेधासॉफ्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- “Student Detail Check” या “Payment Status” विकल्प चुनें।
- अपना जिला, ब्लॉक, स्कूल का नाम और कक्षा चुनें।
- अपना आधार नंबर या मोबाइल नंबर डालकर “Show” पर क्लिक करें।
महत्वपूर्ण लिंक
संपर्क करने का विवरण
यदि आपको आवेदन में कोई समस्या आ रही है, तो आप निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
- हेल्पलाइन नंबर: 14417, 1800-345-4417
- ईमेल आईडी: [email protected]
- पता: विकास भवन, बेली रोड, पटना – 800001
बिहार की सरकारी योजनाओं के बारे में और जानने के लिए, हमारा बिहार सरकारी योजनाएं पेज देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न: क्या इस योजना के लिए कक्षा 1 के छात्र आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, यह योजना कक्षा 1 से लेकर 10वीं तक के सभी पात्र BC और EBC छात्रों के लिए खुली है।
प्रश्न: छात्रवृत्ति की राशि बैंक खाते में कैसे आती है?
उत्तर: छात्रवृत्ति की राशि सीधे छात्र के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है। इसके लिए बैंक खाते का आधार से जुड़ा (Aadhaar Seeded) होना अनिवार्य है।
प्रश्न: आय प्रमाण पत्र कितना पुराना होना चाहिए?
उत्तर: आय प्रमाण पत्र नवीनतम होना चाहिए। आमतौर पर 6 महीने से पुराना आय प्रमाण पत्र स्वीकार नहीं किया जाता है।
प्रश्न: क्या प्राइवेट स्कूल के छात्र भी इसके पात्र हैं?
उत्तर: केवल उन्हीं निजी स्कूलों के छात्र पात्र हैं जो सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हैं और जिन्हें “स्थापना अनुमति” प्राप्त है। पूरी तरह से गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों के छात्र इसके पात्र नहीं हैं।
प्रश्न: पंजीकरण के लिए कौन सा पोर्टल उपयोग करें?
उत्तर: प्री-मैट्रिक के लिए मुख्य रूप से विद्यालय Medhasoft का उपयोग करते हैं, जबकि पोस्ट-मैट्रिक (10वीं के बाद) के लिए pmsonline.bihar.gov.in का उपयोग किया जाता है।
निष्कर्ष
बिहार मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना राज्य के गरीब परिवारों के बच्चों के लिए एक संजीवनी की तरह है। राशि के दोगुने होने और आय सीमा के बढ़ने से अब अधिक छात्र इस दायरे में आएंगे। यदि आप या आपके परिचित इस श्रेणी में आते हैं, तो समय पर आवश्यक दस्तावेज तैयार कर अपने विद्यालय के माध्यम से पंजीकरण सुनिश्चित करें ताकि सरकार की इस ‘शिक्षा की सौगात’ का लाभ मिल सके।